मनपा सत्ता के वर्चस्व में खुर्ची के लिए नेताओं के दांव

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16 जन वरी 2026 को चंद्रपुर शहर मनपा के चुनाव परिणाम घोषीत हो चुके है। जिस में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सबसे बडे दल रूप में उभरकर 27 सीटे जीत चुका है। वही भारतीय जनता पार्टी को 23 सीटे, शिवसेना उबाठा 6, वंचीत आघाडी 2, पप्पु देशमुख की जन विकास 3, अपक्ष 2, एमआयएम 1, शिवसेना शिंदे 1 और बहुजन समाज पार्टी को 1 सीटे मिली है। ऐसे में मनपा के महापौर पद पर कांग्रेस की दांवेदारी साबीत हो होती है, लेकीन मनपा के इतिहास में इसके पहले कांग्रेस की बढत और भाजपा से गठबंधन पर सत्ता स्थापीत करने का रेकार्ड है। वही वर्तमान में मनपा चुनाव टीकीट वितरण से लेकर प्रचार में कांग्रेस के 2 गुटों का अलग प्रदर्शन रहा है। जिस में एक और सासंद धानोरकर, विधा. सुधाकर अडबाले, पुर्व विधा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष धोटे ने कमान संभाली थी। तो दुसरी और विपक्ष नेता रूप में विधा विजय वडेट्टीवार ने प्रचार किया है। चुनाव परिणाम के बाद दोनो ही गुटों के अलग बयान से लेकर सत्ता स्थापीत करने की दांवेदारी रही है। जिस से चुनकर आए नगरसेवकों में संभ्रम होकर दोनो गुट नगरसेवकों को अपने पास रखने का दांव खेल चुके है।
जिस से मनपा सत्ता ताजपोशी में गुटों की दहाड का प्रदर्शन होकर भाजपा के पुर्व मंत्री विधा सुधीर मुनगंटीवार का सत्ता स्थापन दांवा भी चंद्रपुर मनपा में अलग इतिहास बनाने के संकेत दे रहा है। इस चुनाव में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत ना होकर 2 अपक्ष चुनकर आने वाले तो कांग्रेस के ही पुर्व कार्यकर्ता रहे है। जिस में नंदू नागरकर और दानव है। तो किंग मेकर के लिए उबाठा के संदीप गिर्‍हे, जन विकास के पप्पु देशमुख कारगर साबीत हो सकते है। वही कांग्रेस को सत्ता स्थापन के लिए केवल 7 नगरसेवकों की जरूरत है। वही भाजपा को बहुमत के लिए 11 नगरसेवकों की जरूरत होकर भाजपा के लिए आसान नही है। आखिरकार भाजपा में भी गुटों की दहाड में विधा जोरगेवार और विधा मुनगंटीवार के मनमुटाव का सिधा प्रदर्शन जनता ने देखा है। ऐसे में दल बदल की राजनीती से सत्ता स्थापन और मतदाताओं के चुने गए बहुमत पर नगरसेवकों की भूमीका बडे बदलाव का संकेत तो दे रही है।

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