६ अगस्त २०२१ को मूल पुलिस स्टेशन अंतर्गत १३ वर्षीय नाबालिक बालिका पर आरोपी ने जबरन अत्याचार किया था. जिसमे ९ अगस्त २०२१ को २४ वर्षीय आरोपी के विरोध में मूल पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक ३८४/२०२१ में कलम ३७६ (२), (एन), ३७६ (३), ५०६ भाँदवी सह कलम ५, ६ लैंगिक अपराध से बालक संरक्षण कानून २०१२ में अपराध दर्ज किया गया था. इस मामले की जाँच पोउपनि राजश्री रामटेके ने कर आरोपी के विरोध में दोष रोपपत्र न्यायलय में प्रस्तुत किये थे.१७ फरवरी २०२४ को कोर्ट के विशेष सत्र न्यायदीश अनुराग दीक्षित ने आरोपी मारगेश्वर किशोर मेश्राम २३ को आजन्म कारावास और ५ हजार का जुर्माना न भरने पर १२ माह कारावास की सजा सुनाई है. इस मामले में सरकार की और से अधिवक्ता देवेंद्र महाजन और कोर्ट पैरवी अधिकारी रूप में परवीन पठान पुलिस स्टेशन मूल ने कार्य किया है.









