19 जन वरी 2026 को गीता ज्ञानेश्वर मेश्राम ने भीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। जिस में उसका बेटा बादल मेश्राम 22 यह 17 जन वरी 2026 को सुबह 10.45 बजे उमरेड से सर्विसिंग के लिए दी गयी गाडी लेकर आने का बोल कर घर से गया था। लेकीन घर वापस ना आने से उसके मिसिंग की शिकायत की गयी थी। शिकायत के आधार पर भीसी पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 03/2026 में मामला दर्ज कर जिला अपराध शाखा दल व भीसी पुलिस ने गुप्त सुचना और सायबर पुलिस की मदत से जांच शुरू की गयी। जांच दरम्यान लापता बादल मेश्राम की हत्या होने और हत्या के सबूत नष्ट करने वाले आरोपीयों को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में देवानंद गोवर्धन श्रीरामे 40 रा. मिनझरीने आरोपी आरीफ उसमान खान पठान 32 रा. नेताजी वार्ड चिमूर और सौरभ सुभाष चौधरी 22 ने साठगाठ कर बादल मेश्राम को तुझे पसंत होने वाली लडकी मिलने का बोल कर उसे देवानंद श्रीरामे के खेत मे लेजाकर नॉयलान रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी। इस के बाद बादल का शव जंगल के नाले में गड्डा खोद कर गड्डे में दबाकर सबूत नष्ट किए। साथ ही मृतक बादल की मोटरसायकल और मोबाईल अन्य वस्तु दुसरे स्थल पर दिशाभूल करने के लिए डालने का पाया गया है।
यह कारवाई जिला पुलिस अधिक्षक मुम्मका सुदर्शन, अप्पर पुलिस अधिक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी चिमूर दिनकर ठोसरे के मार्गदर्शन में जिला अपराध शाखा पुलिस निरीक्षक अमोल काचोरे के नेतृत्व में सपोनी मंगेश भोंगळे, भीसी पुलिस स्टेशन पुलिस निरीक्षक, सपोनी बलराम झाडोकार, पोउपनी रविंद्र वाघ, भारत किटे, सर्वेश बेलसरे, नितीन साळवे, पोअ अमोल सावे, प्रसाद धुलगुंडे, हिरालाल गुप्ता, सतिश झिलपे, मंगेश चौधरी ने की है।









