काले सोने की कालाबाजारी से माल कमाने और मिलावटखोरी से हिसाब बराबर करने का काम पनप रहा है। चंद्रपुर से लेकर वणी और नागपुर कापसी कोयला बाजार में इसी खेल के दम पर करोडो कमाए जा रहे है। वही बल्लारपुर वेकोलि एरिया की खदानों से ऊर्जा प्रकल्प के लिए निकलने वाला कोयला तो चंद्रपुर नागपुर महामार्ग के ताडाली में अल्टापल्टी होने का शिकार बन रहा है। जिस में आधी रात को वाहन निजि कोल डेपो में पहुंचकर कोयला उतारकर ट्रांसपोटर माल कमाने का अवसर पनपा रहा है।
वही इसी कोयले का वजन बराबर करने के लिए काटे की सहुलियत पर मेटल कंपनी के डस्ट चारपाईन का उपयोग तो प्रती दिन 500 एमटी कोयला लुट को सफल बना रहा है। तो दुसरी और सुबह रेड्डी के तेलंगाना, चक्रीघाट, नागाडा कोल डेपो धारकों के कोल आर्डर में कोयला इसी तडाली डेपो से लोडींग का काम चल रहा है। वैसे तो ऊर्जा प्रकल्प व्दारा खदानों से निकलने वाले वाहनो के लिए प्लास्टिक के सिल के सुरक्षा उपाय लागू किए गए है। लेकीन चंद्रपुर जिले के निजि ऊर्जा प्रकल्प अधिकारीयों से तगडी सेटींग पर सिल टूटने और नंबर बदलाव का खेल सफल होकर सरेआम ऊर्जा प्रकल्प के कोयले की लुट में अल्टापलटी चारपाईन डस्ट की मिलावटखोरी से करोडो कमाने का खेल चल रहा है।









