जिले में सरकारी विभागों को रेती घाटों का अधिकार देना तो अवैध उत्खनन और रेती बिक्री को पनपने की योजना ही साबित हो रही है. जिसमे सार्वजनिक बांधकाम विभाग २ के रेकार्डों से तो पोल ही खुल रही है. विशेष रूप से सार्वजनिक बांधकाम विभाग २ को चक लिखितवाड़ा रेती घाट से २१ जनवरी २०२५ को १७ हजार ३१४ ब्रास रेती देना का आदेश जिला अधिकारी ने दिया था. तो सार्वजनिक बांधकाम विभाग २ ने यह घाट एस.एन.डी.टी महिला विद्यापीठ निर्मिति कार्य के लिए ठेकेदार को दिया था. जिसमे ठेकेदार एम.वी प्रोजेक्ट्स लि. हैदराबाद को घाट से उत्खनन और रेती परिवहन कर प्रयोग के अधिकार दिए गए थे. इस कार्य में ३० अप्रैल २०२५ को एस.एन.डी.टी महिला विद्यापीठ निर्मिति कार्य स्थल तक रेती पहुंचने का रेकॉर्ड सामने आया है. जिसमे केवल ३७ हाइवा वाहनों से रेती पहुंचने का रेकॉर्ड होकर प्रति वाहन नुसार रेती ब्रास परिवहन का रेकॉर्ड गुल है.वही जनवरी से अप्रतिल तक केवल ३७ वाहनों की रेती परिवहन पर ठेकेदार के २४ घंटे कार्य का रेकॉर्ड भी मामले की दाल काली होने का सत्य साबित कर रहा है. ऐसे में एस.एन.डी.टी महिला विद्यापीठ निर्मिति कार्य ठेकेदार से लेकर सार्वजनिक बांधकाम विभाग २ के अधिकारियो की तगड़ी सेटिंग से रेती बिक्री का बड़ा झोल पनपने का सत्य सामने आ रहा है.









