भारी वाहनों में ओवरलोड से सडक खराब होने और दुर्घटना के कारणों पर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2005 को पुरे देश में ओवरलोड पर प्रतिबंध का निर्णय दिया था। जिस की पालनता राज्य से लेकर केंद्र सरकार व्दारा की जा रही है। लेकीन मिनी रत्नम उपाधी प्राप्त वेकोलि के माजरी एरिया की एकोना 1, 2 खदान में तो अधिकारीयों के भ्रष्टाचार से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को खारीजता का ताज पहनाया जा रहा है। प्रति एमटी 100 रूपए के भ्रष्टाचार शुल्क पर 30 से 40 एमटी अधिक कोल ओवरलोड के रूप में वाहनों को दिया जा रहा है। जिस का रेकार्ड सामने आकर खदान काटाघर अधिकारी से लेकर खदान प्रबंधक, उपक्षेत्रीय प्रबंधक और मुख्य महाप्रबंधक की मिलीभगत तो नियमों को सिरे से खारीज कर रहा है। ऐसे में सडकों की बदहाली से लेकर दुर्घटना के कारणों में एकोना खदान से ओवर लोड का निकलना तो संपुर्ण वेकोलि प्रशासनीक व्यवस्था पर सवाल ही खडे कर रहा है।









