बल्लारपुर वेकोलि एरिया की पवनी 2 खदान में वैसे तो मायनस 100 एमएम में कोल डिस्पैच का रेकार्ड है। लेकीन वास्तविकता में एरिया जी एम इलियास हुसेन के आर्डर का हवाला देकर खदान मैनेजर ब्राम्हणे और डिस्पैच मैनेजर रवि तेजा व्दारा पिस टू पिस लंपी कोल का उत्पादन किया जा रहा है। इसी के साथ लंपी कोल का दर्शन तो रोड सेल के वाहनों से लेकर ऊर्जा प्रकल्पों के लाखो एमटी कोल आर्डर में निकलने वाले वाहनों में लोड होने का दर्शन तो आम ही है। ऐसे में वेकोलि मुख्यालय नागपुर सीएमडी से लेकर सेल्स महाप्रबंधक और विजलेंस विभाग व्दारा वेकोलि के करोडो के घाटे के प्रदर्शन पर चुप्पी तो भ्रष्टाचार की मलाई में बराबर की हिस्सेदारी ही साबीत होती है। जिस से वेकोलि वेबसाईड से लेकर कार्यालय में लगे भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संचालन के दांवे को तमाचा जडने का सत्य ही है। अब तो मलाईदार कोयला उत्पादन 100 रूपए प्रतीएमटी से हिस्सेदारी का गणित खदान से शुरू कर एरिया और वेकोलि मुख्यालय नागपुर तक का खेल ही बनकर उभर रहा है। ऐसे में कोल इंडिया डायरेक्टर और कोयला मंत्री व्दारा ही सुध लेने पर पवनी टू में संचालीत लंपी कोल उपहार योजना के संचालक अधिकारी कारवाई के पात्रधार बन सकते है।









