बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतारने की फिर एक घटना सामने आयी है। गोंडपिपरी तहसील के गणेशपिपरी में यह घटना घटी है। अल्का महादेव पेंदोर 45 यह मजूर ना मिलने से अकेले ही खेत में कपास चुनने के लिए गयी थी। लेकीन देर होने पर भी घर वापस ना आने से घरवालों ने ग्रामीणों को लेकर अल्का को ढुंढने पर खेत परिसर में अल्का का मुतदेह दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वनविभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची।
लेकीन ग्रामीणों ने शव उठाने के लिए मना किया। जब तक इस नरभक्षक बाघ को जेलबंद नही किया जाता और मृतक के परिवार को आर्थीक मदत नही दि जाती तब तक शव ना उठाने की भूमीका ग्रामीणों ने ली थी। गत कुछ दिन से गोंडपिपरी तहसील में बाघ की दहशत बढकर इस बाघ ने कई जानवरों की भी बलि ली है। 8 दिन के पहले इसी बाघ ने चेकपिपरी गांव के किसान को अपना शिकार बनाया था।









