ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के मोहर्ली वन परिक्षेत्र के बफर क्षेत्र में गत कुछ दिन से कॉलर वाले बाघ ने दहशत निर्माण की थी। जिस से ग्रामीणों में भय का वातावरण निर्माण था। इसी बाघ ने 24 सितंबर 2025 को भामडेली निवासी अमोल बबन नन्नावरे 37 को अपना शिकार बनाया था। अमोल अपने खेत में जाने दरम्यान झाडीयों में छुपे बाघ ने हमला किया था। जिस में गंभीर अवस्था में अमोल को उपचार के लिए दाखिल कराने के बाद अमोल की मौत हुई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने भय के साथ वन विभाग के प्रती असंतोष बना हुआ था।
वन विभाग ने उपाय योजना करते हुए दल की सहायता से जांच मुहिम शुरू की थी। 7 नवंबर 2025 के सुबह 5 बजे बाघ को बेहोश कर पकडा गया है। पकडा गया बाघ नर होकर पहचान टी 91 एसएएम 1 हुई है। इस बाघ को जांच के लिए चंद्रपुर के ट्रांझीट ट्रीटमेंट सेंटर लाया गया है। वन विभाग अधिकारीयों नुसार राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण के मानक पध्दती नुसार स्थापीत की गयी तांत्रीक समिती की सुचना नुसार निर्णय लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इस कारवाई के लिए अनुमती दी थी। वन विभाग व्दारा अफवाह पर विश्वास ना रखते हुए वनविभाग की सुचनाओं का पालन कर वन्य जीव संरक्षण के लिए सहकार्य करने का आवाहन किया गया है।









