चंद्रपुर जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष की घटना सतत घट रही है। जिस में 14 दिसंबर 2025 को जिले के सिंदेवाही तहसील और मुल तहसील में 2 घटनाए घट कर 2 की मौत हुई है।मुल तहसील के वन संरक्षीत क्षेत्र में 13 दिसंबर को चरवाहा सुबह जानवरों को लेकर गया था। झाडीयों में छुपे बाघ ने चरवाहे को अपना शिकार बनाया है। पितांबर गुलाबराव सोयाम 36 रा. बेलघाटा मृतक चरवाहे का नाम है। वन विभाग के संरक्षीत वन क्षेत्र के कंपार्टमेंट नंबर 1765 में चरवाहा पितांबर जाने पर झाडीयों में छुपे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में घटना स्थल पर ही पितांबर की मौत हुई है। पितांबर रात होने तक घर पर वापस ना आने के बाद परिवार के लोगो ने ग्रामीणों के साथ पितांबर को ढुंडना शुरू किया। लेकीन पितांबर ना मिलने पर सावली वन विभाग अधिकारीयों को मामले की जानकारी दि गयी। र
विवार सुबह वन विभाग के दल ने जांच करने पर कंपार्टमेंट नंबर 1765 में पितांबर का शव मिला है। पंचनामा कर शव जांच के लिए मुल उपजिला अस्पताल भेजा गया है। दुसरी घटना में सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही में अरूणा उर्फ छाया अरूण राऊत खेत में काम करने के लिए गयी थी। शाम होने पर घर वापस ना आने पर पति अरूण ने अरूणा को ढुंडने पर भी अरूणा नही मिली। सटे जंगल में भी अरूणा ढुंडने पर नाले के पास अरूणा का शव मिला है। मामले की जानकारी वन विभाग और पुलिस को देने पर जांच के बाद बाघ ने शिकार करने का पाया गया है। शव का पंचनामा कर शव जांच के लिए सिंदेवाही उपजिला अस्पताल भेजा गया है। चंद्रपुर जिले में इस वर्ष वन प्रणियों के हमले में 44 नागरिकों की मौत का रेकार्ड उपलब्ध होकर इस में 40 नागरिकों की मौत बाघ के हमले में तो 2 की मौत तेंदुए के और 2 मौत भालु और हाथी के हमले में हुई है। वन विभाग व्दारा बाघ का बंदोबस्त करने और नागरिकों ने वन क्षेत्र में ना जाने का आवाहन वन विभाग व्दारा किया जा रहा है।









