चंद्रपुर जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाए कम होने का नाम नहीं ले रही है. जिसमे जिले के पोंभुर्णा वन परिक्षेत्र के फिस्कुटी गांव के जुनसुरला में १२ मार्च की रात को बकरी चराने के लिए चरवाहा वासुदेव गणपत कनकलवार उम्र ३६ लेकर जंगल में गया था. इसके बाद रामदास जेनठे के खेत के महाकाली मंदिर के पास बकरियों के साथ वासुदेव, भाई मारोती और उसकी पत्नी वनिता भी बैठे थे. इसी दरम्यान आधी रात को अचानक आवाज़ आने से वासुदेव ने जानवरो को देखने के लिए जाने पर झाड़ियों में छुपे बाघ ने वासुदेव पर अचानक हमला कर दिया. वासुदेव की आवाज़ सुनकर भाई मारोती ने चिल्लाने पर बाघ जंगल में भाग गया. मारोती ने वासुदेव के पास पहुंचकर देखने पर वासुदेव की मौत हो चुकी थी . मामले की जानकारी पुलिस और वन विभाग को मिलते ही पुलिस ने शव की जाँच कर शव जाँच के लिए मूल उपजिला अस्पताल भेजा है. वन विभाग ने तत्काल ५० हजार की मदत पीड़ित परिवार को दी है. अब ऐसे में मानव वन्य जीव संघर्ष रखने के लिए वन विभाग ने उपाय करने की मांग की जा रही है.









