24 मार्च 2026 को चिमूर पुलिस स्टेशन में प्रथम संजय बाळबुधे 23 ने शिकायत दर्ज करायी थी। जिस में प्रथम का बिल्डींग मटेरियल सप्लाय का व्यवसाय होकर 23 मार्च को रात 10.30 दरम्यान प्रथम ने उसका ट्रैक्टर कामगार को छोडने के लिए मौजा उसेगांव में भेजने पर आरोपी शादुल पचारे, विलास मोहीनकर, शुभम रणदीवे, संजय नागदेवते, जितेंद्र घाडगे ने प्रथम के ट्रैक्टर को रास्ते पर रोक कर प्रथम अवैध रेती व्यवसाय करने और तहसीलदार को बुलाकर कारवाई करवाने का डर बताकर 15 हजार की फीरोती मांगी थी। लेकीन प्रथम का ट्रैक्टर खाली होने से और कामगारों को गांव छोडने जाने से प्रथम ने कोई पैसे नही दिए। प्रथम ने मदत के लिए गांव के कुछ नागरिकों को बुलाने पर इस नागरिकों ने घटना स्थल पर पहुंचने पर पाचों आरोपी फरार हो गए।
दुसरे दिन 24 मार्च को सुबह फिर से आरोपीयों ने प्रथम को बार बार फोन कर धमकी देते हुए पैसे की मांग करते हुए आरोपी युट्युब और कुछ साप्ताहीक समाचार पत्र के होने से प्रथम ने उन्हे 5 हजार रूपए ऑनलाइन दिए है। लेकीन आरोपीयों ने बार बार पैसो की मांग करने से प्रथम ने मामले की शिकायत चिमूर पुलिस स्टेशन में की है। शिकायत के आधार पर चिमूर पुलिस स्टेशन ने खंडणी मामले में कलम 308(2), 126(2),3(5) भारतीय न्याय संहिता तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच जिला पुलिस अधिक्षक मुम्मका सुदर्शन, अप्पर पुलिस अधिक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनकर ठोसरे, चिमूर पुलिस स्टेशन पुलिस निरीक्षक दिनेशलबडे के मार्गदर्शन में सपोनी अमोल बारापात्रे कर रहे है।









